What is the meaning of Love in Hindi
What is Love in Hindi
प्यार एक मीठा सा एहसास है जिसे लफ्जों में बयां नही किया जा सकता है और जिसकी अनुभूति जीवनपर्यन्त होती है।
प्यार को बहते हुए शीतल पवन के समान परिभाषित कर सकते है जो अपने आस-पास के सम्पूर्ण वातावरण को भी अपने समान मधुरमय, सुखमय और सुगंधित कर देता है ।
प्यार को उम्र के हर पड़ाव में, अलग-अलग स्वरूप में महसूस किया जा सकता है :-
- जब नन्ही सी जान ९ माह के बाद इस वसुधा पे आती है तो नन्ही सी जान के लिए प्यार का अर्थ ही केवल "माँ" होता है। माँ से ही उसकी सारी खुशियां होती है, माँ में ही वो सारे जहान को देखती है। जब माँ उस कोमल सी फूल को अपनी ममता भरी गोद में लेती है तो अपनी 9 माह की सारी वेदना एक क्षण में ही भूल जाती है ।
- सबसे ज्यादा प्यार के लिए संघर्ष तो किशोरावस्था (१२ -१८ ) मे होता है क्योँकि इस अवस्था मे बालक ओर बालिका प्यार के मूलभूत अर्थ से पुरतः अनभिज्ञ रहते है और आकषर्ण मात्र को ही प्यार समझ लेते है। किशोरावस्था में विपरीत लिंग क़े प्रति आकर्षित होने का प्रमुख कारण हार्मोन्स का विकास होना है ।अत: इस उम्र के बालकों और बाकलिकाओं को घर के सदस्यों के द्वारा विशेष प्यार और देखभाल की जरुरत होती है।
- गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने के बाद स्त्री व पुरुष के लिए प्यार का अर्थ आपसी प्यार से, बच्चों से व परिवार से होता है। वे अपना सारा जीवन अपने परिवार व एक-दूसरे के लिए लिए समर्पित कर देते हैं ।और उन्ही की खुशिओं के लिए जीते है और अपने सारे कष्टों को भुला के अपने परिवार को सुखमय जीवन देने के लिए तत्पर रहते है।
परन्तु रुकिए! यह तो केवल प्यार के कुछ ही स्वरुप है प्यार के तो अनेक स्वरुप है जिन्हें हम अपने दैनिक जीवन में महसूस भी करते है जैसे:- माँ का अपने बेटे के साथ, भाई का बहन के साथ, अध्यापक का शिक्ष्य के साथ, प्रेमी का प्रेमिका के साथ, अपने किसी जानवर के साथ और बहुत से.....
प्यार तो जीवन के किसी भी उम्र मैं, किसी से भी, किसी भी पल हो सकता है। असली प्यार का अर्थ ही होता है, निस्वार्थ सेवा, सहयोग की भावना, अपनापन दया की भावना व अपने सुख का भी दूसरे के लिए हँसते हँसते परित्याग कर देना ।

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